अश्वगंधा  के शारीरिक लाभ और इसके नुक्सान | Ashwagandha Health Benefits and Side Effect. 

अश्वगंधा  के शारीरिक लाभ और इसके नुक्सान | Ashwagandha Health Benefits and Side Effect. 

अश्वगंधा  इसे भारतीय जिनसेंग  के नाम से भी जाना जाता है |इसके औशाधिये गुणों का उल्लेख  पारंपरिक चीनी चिकित्सा और आयुर्वेद दोनों में किया गया  है | यह पौधा 40 डिग्री सेल्सियस से 10 डिग्री सेल्सियस के तापमान के अंतर में भी जीवित रहता है | अश्वगंधा एक बलवर्धक रसायन माना गया है | इसे पुरातन काल से ही आयुर्वेद में वीर्यवर्धक के रूप में जाना जाता है |

महर्षि चरक ने अश्वगंधा को उत्कृष्ठ बल्य माना है, एवं समस्त प्रकार के जीर्ण रोगों से ग्रसित रोगियों एवं क्षय रोगियों के लिए उपयोगी बताया है |

आचार्य सुश्रुत के अनुसार यह औषधि किसी भी प्रकार की दुर्बलता और कृशता में बहुत ही उपयोगी सिद्ध होती है

अश्वगंधा  के सेवन की विधि

2 से 5 ग्राम रोजाना खा सकते हैं | इसके लिए आपको  इसे 100 ग्राम पाउडर को 100 ग्राम मिश्री में मिलकर रख लीजिये फिर दूध के साथ सोते वक़्त 1 चम्मच  इसे इस्तेमाल कीजिये | एक चम्मच से ज्यादा इस्तेमाल न करें |

अश्वगंधा की जड़ का पाउडर अगर आपको घर पर बनाना है तो पहले इसे दूध में उबाल लें फिर धोकर सुखा लें

अश्वगंधा  की जड़ को अगर घर पर आपको पाउडर बनाना है तो पहले इसका शुद्ध करना पड़ेगा | इसको शुद्ध करने के लिए दूध में इसको उबाल कर फिर धोकर सुखाना होता है | सुखाने के बाद इसका पाउडर बनाया जाता है |

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अश्वगंधा के लाभ

  • इसके के अंदर पेट को साफ़ करने का गुण होता है, जिससे पाचन क्रिया स्वतः दुरुस्त हो जाती है |
  • गठिया के दर्द में आराम पहुंचाता है |
  • जिन महिलाओं को ल्यूकोरिया यानि के योनी से सफ़ेद पानी निकलने की समस्या रहती है, अश्वगंधा के सेवन से उन्हें आराम मिलता है |
  • अश्वगंधा  का सेवन करने से प्रजनन में इजाफा होता है | इससे स्पर्म काउंट बढ़ता है और वीर्य भी अछि मात्र में बनता है |
  • यह  शरीर को जोश देता है | जिससे शरीर में आलस्य नहीं रहता है और सहवास के समय थकान भी महसूस नहीं होती |
  • यह शरीर की प्रतिरोधक छमता को भी बढ़ता है |
  • इस  पौधे के पत्ते त्वचा पस्त होनर वाले रोगों से बचाता है |
  • बॉडी पर हुए सुजन को कम करता है |
  • इसके पत्ते शरीर पर हुए घाव और जख्म को जल्दी भर देते हैं |
  •  तेल में मिलाकर लगाने से  चरम रोग नही होता |
  • दूध के साथ पिने से blood pressure कण्ट्रोल में रहता है |
  • सुबह  शाम लेने से बॉडी का immunity बढ़ता है |
  •  मेमोरी पॉवर बढ़ता है |
  • अश्वगंधा गठिया, सांस से जुडी बीमारियाँ जैसे की bronchitis, अस्थमा इन सब से बचाता है |
  • शरीर में तनाव और अवसाद से मुक्ति मिलती है |
  • शरीर में आयरन की मात्र बढ़ जाती है |
  • महिलाओं में भी इसके सेवन से प्रजनन छमता बढ़ जाती है |

अश्वगंधा के नुकसान 

  1. गर्भ वाली महिलाओं को अश्वगंधा न लेने की सलाह दी जाती है क्यूंकि इसमें गर्भ गिराने वाले गुण होते हैं |
  2. दूसरी दवाओं के साथ इसका सेवन नहीं करना चाहिए, क्यूंकि दूसरी दवाओं के साथ मिलकर ये हस्तक्षेप कर सकता है | विशेष कर उन लोगों के साथ जो मधुमेह, उच्च रक्तचाप, चिंता, अवसाद और अनिंद्र जैसी बिमारियों से पीड़ित है |
  3. इसका सेवन अधिक मात्र में न करें |

अश्वगंधा का उपयोग शारीरिक कमजोरी में 

बाज़ार में यह  चूर्ण और टेबलेट फॉर्म में उपलध है | अगर किसी को शारीरिक कमजोरी और थकान है तो अश्वगंधा के कैप्सूल और सतवारी टेबलेट को दूध के साथ सुबह शाम 1 – 1 सेवन करवाएं | लगातार 3 महीने इसके सेवन से शरीर की सारी कमजोरी दूर हो जाती है | इसका सेवन सर्दियों में करना ज्यादा उपयोगी है | गर्मियों में इसके सेवन से बचा जाय उतना अच्छा है |

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Written By :- Dr. Mohammad Mustafa 

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