जोड़ों के दर्द का कारण, लक्षण और उपचार |

जोड़ों के दर्द का कारण, लक्षण और उपचार |

जोड़ों के दर्द – हड्डियों और जोड़ों का दर्द बहुत पीड़ादायक होता है, सामान्यतः यह वृधावस्था उम्र में ज्यादा होता है लेकिन कुछ कारणों के कारण यह कम उम्र में भी हो जाता है |

इस बीमारी में शरीर की हड्डी के प्रत्येक जोड़ में दर्द रहने लग जाता है |

जोड़ों के दर्द का कारण

  • एर्थराईटिस, ऑस्टियो अर्थराइटिस, ह्युमेटोइड एर्थराइटिस |
  • एसेप्टिक नेक्रोसिस |
  • ऑस्टियो ड्राईटिस |
  • सिकल सेल रोग (सिकल सेल एनीमिया)
  • स्टेरॉयड ड्रग्स का इस्तेमाल |
  • कार्टिलेज फटना |
  • जोड़ों का संक्रमण |
  • हड्डी का टूटना |
  • ट्यूमर |
  • देंटीनाईटिस |

इन सभी कारणों से जोड़ों में दर्द रहने लग जाता है |

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जोड़ों के दर्द के लक्षण

  • चलने, खड़े होने, हिलने डुलने और यहाँ तक की आराम करते समय भी दर्द का एहसान होना |
  • सूजन और क्रेपिटस |
  • चलने या गति करते समय जोड़ों का लोक होना |
  • जोड़ों में कड़ापन महसूस होना ख़ास कर सुबह के समय |
  • वेस्टिंग और फेसिकुलेशन |
  • अगर बुखार, थकान और वजन घटने जैसे लक्षण हो तो कोई गंभीर या अंदरूनी या संक्रामक बीमारी भी हो सकती है जिसके कारण जोड़ों में दर्द रहता है |

जोड़ों के दर्द की जांच और रोग की पहचान

अगर कुछ दिनों से लगातार आपके जोड़ों में दर्द है तो इसे नज़र अंदाज न करें और इसकी जांच करवाएं और इसके कारणों का पता लगाएं | रोग की पहचान के लिए डॉक्टर रोगी से दर्द की जगह, समय और इससे जुड़े पैटर्न के बारे में पूछते हैं फिर इसके बाद रोगी की शारीरिक जांच करवाते हैं |

जैसे – रक्त का अध्यन (CBC, cretin, ब्लड डिफरेंशियल), हड्डी और जोड़ों का एक्स-रे जिसमे हड्डियों का स्कैन भी शामिल हो | हड्डी और जोड़ों का सिटी स्कैन और MRI इसके अलावा हार्मोन के  स्तर का अध्यन |

पिटयुटरी और एड्रिनल ग्रंथि की कार्य क्षमता का अध्यन और यूरीन का परिक्षण |

इन सभी जांचों के आधार पर ये पता लगाया जाता है के आखिर जोड़ों के दर्द की असली वजह क्या है |

कुछ सामान्य उपचार

अगर आपको लगातार जोड़ों का दर्द है तो उपचार भी अतिशीघ्र ही करवा लेना चाहिए क्यूंकि समय निकलने पर यह भयंकर बीमारी का रूप ले सकता है | सबसे पहले रोग के कारण का पता लगाइए और किसी अच्छे चिकित्सक से अपना ईलाज करवाएं |

अगर आपको जोड़ों में दर्द है तो कुछ सामान्य उपचार आपको इसमें बहुत आराम देंगें इसे आप नियमित रूप से करें |

ज्यादा आराम करें और हल्का गरम सेंक करें रोजाना हल्का व्यायाम करें यह अर्थराइटिस या फाइब्रोमाइल्जिया के रोगियों में जोड़ों की गतिशीलता बढ़ाने और दर्द को कम करने और दुखती मांशपेशियों को आराम पहुंचाने में मदद करता है |

कुछ दर्द निवारक दवाएं

आइब्युप्रोफीन, नेप्रोक्सिन, मेफेनिक एसिड, एस्पेरीन दर्द में राहत देने में सहायक है लेकिन ज्यादा क्रोनिक पैन होने में यह दवाएं आराम नहीं पहुंचाती है | इन दवाओं का इस्तेमाल आप डॉक्टर्स की सलाह पर करें |

उम्मीद करते हैं आपको हमारे द्वारा दी गई जानकारी पसंद आई होगी |

Written by :- Dr. Mohammad Mustafa

Special Thanks :- Dr. Suresh Kumar Gurjar

WhatsApp :- +91-9887966975

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