साइटिका के कारण, लक्षण और उपचार |  

साइटिका के कारण, लक्षण और उपचार| Sciatica Causes, Symptoms and Treatment.

साइटिका – शरीर में साइटिका नाम की एक नाड़ी (नर्व) होता है और यह सर के पीछे मस्तिष्क से आरंभ होकर गुदा तक पहुँचती है |

यहाँ से ये नसे दो भागों में विभाजित होकर दोनों पैरों में पीछे की और से एड़ियों तक जाती है | साइटिका नर्व की रक्षा मेरुदंड के मनके करते हैं |

जब इन नसों में से किसी एक में भी सूजन आ जाती है तो पुरे पैर में असहनीय दर्द होने लगता है, इसे ही गृध्रसी या साइटिका कहते हैं |

यह तंत्रिका (Neuralgia) का ही एक प्रकार है जो बड़ी गृध्रसी तंत्रिका(Sciatica Nerve) में सर्दी लगने से या अधिक चलने से अथवा मालावारोध और गर्भ, अर्बुद (Tumor) तथा मेरुदण्ड (Spine) की विकृतियाँ या इन में से किसी का भी दबाव तंत्रिका या तंत्रिकशुलों पर पड़ने से उत्पन्न होता है | कभी कभी यह तंत्रिका शोथ (Neuritis) के कारण भी होता है |

विकिपीडिया पर जाने साइटिका के बारे में |

साइटिका  के लक्षण

  • यह रोग होने पर जाँघों और टांगों में दर्द, जलन, सूनापन,झनझनाहट होती है |
  • साइटिका में दर्द कमर के नीचे के भाग से आरम्भ होकर जांघ के पीछे के भाग से होता हुआ घुटने के नीचे पैर तक जाता है |
  • इस दर्द के कारण रोगी का खड़ा रहना, चलना अत्यधिक कष्ट दायक होता है |
  • कभी कभी दर्द चलने और झुकने से बढ़ता है |
  • यह दर्द अचानक और बहुत तेज होता है |
  • इसके लक्षण स्लिप डिस्क से मिलते हैं |

 साइटिका के कारण

  • स्पाइनल स्टेनोसिस (मेरुदंड की नलिका का नसों पर वजन डालते हुए सिकुड़ जाना |)
  • स्पोंडीलोलिस्थोसिस (ऐसी स्थिति जिसमें एक मणि दूसरी पर आगे फिसल जाती है |)
  • पिरिफोर्मिसिस (एक छोटी पेशी जो कूल्हों के भीतर गहरे में होती है, यह या तो सख्त हो जाती है या फिर सिकुड़ जाती है, जो साइटिका नसों पर दबाव डालती है और उसे उत्तेजित करती है |)
  • कुछ अन्य कारण जैसे -चोट, संक्रमण, या मेरुदंड में ट्यूमर का होना, इसं कारणों से भी साइटिका की बीमारी हो जाती है |

सामान्य उपचार

  • रोगी को कम से कम तीन सप्ताह तक तख़्त या फर्श पर पूर्ण आराम करवाना चाहिए |
  • जब उठने बैठने और चलने फिरने में दर्द ना तो तब उठना चाहिए |
  • तरुणावस्था में मालिश नहीं करनी चाहिए |
  • सेंक के लिए रोग वाली जगहों पर गर्म कपड़ा या गर्म पानी का हल्का सेंक करना चाहिए |
  • रोगी को निम्बू का रस पिलाना चाहिए |
  • एनिमा के द्वारा पेट की सफाई करनी चाहिए |
  • अगर आराम मिले तो कमर के नीचे एक तकिया लागा सकते हैं, घुटने के हिस्से को कुछ ऊपर रखना चाहिए |
  • रोगी को भारी वजन वाली चीजों को उठाने से परहेज करना चाहिए |
  • किसी भी चीज को ज्यादा झुक कर ना उठाएं |

उम्मीद करते हैं साइटिका के कारण और लक्षण के बारे में आप जान गए होंगें हम अपने आगे के आर्टिकल में आपको साइटिका की भोजन के द्वार चिकित्सा और होमियोपैथी चिकित्सा के बारे में बतायेंगे |

Written by :- Dr. Mohammad Mustafa

WhatsApp :- +91- 9887966975

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