Thyroidism इसके प्रकार, कारण और लक्षण |

Thyroidism इसको हिंदी में अवटुक्रियता कहते हैं, इस रोग का मुख्य कारण शरीर में आयोडीन की का होना है, इस रोग को गलगंड (Goitre) रोग के नाम से भी जाना जाता है |

मनुष्य शरीर में थाइरोइड नामक ग्रंथि पाई जाती है जिसमे आयोडीन पाया जाता है हम जो भी खाते पिते हैं उसमें जो आयोडीन होता है वो थाइरोइड ग्रंथि में जमा हो जाता है |

जब शरीर में आयोडीन की उचित मात्रा नहीं होती है तो थाइरोइडिज्म या गलगंड नामक रोग हो जाता है |

Thyroidsm का परिक्षण

थाइरोइड की जांच के लिए टी3, टी4, टीएसएच की जाँच करवाई जाती है और जाँच के अंकों से पता चलता है थाइरोइड किस प्रकार की है और इसका लेवल क्या है |

थाइरोइड दो प्रकार का होता है हाइपोथायराइडिज्म (Hypothyroidism) और दूसरा हाइपरथायरोईडिज्म (Hyperthyroidism) |

अगर जाँच में टी3, टी4 नोर्मल रेंज से कम हो और टीएसएच नॉर्मल रेंज से ज्यादा हो तो ये हाइपोथायराइडिज्म है और अगर जाँच में सिर्फ़ टी3 और टी4 ही बढ़ता दिखे और टीएसएच नार्मल हो तो ये हाइपरथायराईडिज्म होता है |

हाइपोथायराइडिज्म (Hypothyroidism)

इसके अन्दर शरीर की उपापचयी क्षमता यानी भोजन को ऊर्जा में परिवर्तन करने की रासायनिक प्रक्रिया धीमी हो जाती है, जिससे शरीर में आलस्य और सुस्ती रहने लग जाती है |

लक्षण

बहुत ज्यादा थकान रहना, मांसपेशियां सख्त हो जाना, घुटनों और अँगुलियों के पास सख्ती होना, मांशपेशियों का कमजोर होना या एंठन आना, मासिकस्राव अधिक होना, बांझपन, त्वचा और बालों में सूखापन, साथ ही मानसिक विकास कम, रक्त की कमी, स्मरणशक्ति कमजोर, एकाग्रता की कमी, निराशा, कब्ज, पेट में पानी भरना, ह्रदय रोग, फेफड़ों में पानी भरना, गला बैठना, आवाज बिगड़ना, छोटे बच्चों में हड्डियों की वृधि में कमी, त्वचा में परिवर्तन, गलगंड होना आदी इस रोग के लक्षण है |

कारण 

यह रोग ऑटोइम्यून के कारण पैदा होता है जिसमे शरीर थाइरोइड ग्रंथि के विपरीत प्रभाव डालना प्रभाव कर देता है |

हाइपरथाइरॉयदिज्म के लक्षण

इसमें घेंघा, गले में गाँठ होना, छूने पर अजीब सी आवाज होना, गाँठ फैली हुई और बिखरी हुई लगती है, अच्छे खाने पीने के बावाजूद भी वजन घटता जाता है | उल्टी होना या बार बार चक्कर आना या दस्त लगना भी इस बीमारी का लक्षण है |

नाड़ियों का ज्यादा तेज चलना और टखनो पर सुजन रहना भी इस रोग का लक्षण है, चलने फिरने के कारण साँस फूलना, निराशा और अति भावुक होना, मांसपेशियों की कमजोरी और कम्पन्न का होना | शरीर में जगह जगह दर्द होना, सर में खुजली और गंजापन, मासिकधर्म नहीं आना या फिर कम आना, अचानक गर्भपात होना, नेत्र सम्बन्धी रोग होना, आँखों का पानी सुखना, चिडचिडापन अधिक होना, गले में सुजन और चीजों को निगलने में कठिनाई होना आदी इस बीमारी का लक्षण है |

कारण

हाइपरथायरोईदिज्म में पिट्यूटरी ग्रंथि कम से कम परिस्थितियों में थाइरोइड की तरह ही काम करने की कोशिश करती है, इसी कारण से थाइरोइड स्टिम्युलेटिंग हार्मोन (TSH) का स्तर बहुत कम हो जाता है |

अगले आर्टिकल में हम आपको थाइरोइड से बचने के कुछ उपाय और थाइरोइड में किन भोजन का सेवन करना चाहिए और कौनसे भोजन को अवॉयड करना चाहिए,इस बारे में विस्तार से जानकारी देंगें |

उम्मीद है ये जानकारी आपको पसंद आई होगी अगर पसंद आए तो इसे दूसरों तक शेयर करें |

Written by :- Dr. Mohammad Mustafa

WhatsApp :- +91-9887966975

3 Comments

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

18 Shares